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यहाँ एंटी नारकोटिक्स सेल ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले ,अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर नाइजीरिया के तीन नागरिकों को किया गिरफ्तार ; पढ़े

मान्यवर:-द्वारका जिले की एंटी नारकोटिक्स सेल ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर नाइजीरिया के तीन नागरिकों को गिरफ्तार किया है। तीनों के कब्जे से 1300 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। इसके अलावा हेरोइन बनाने में इस्तेमाल किए जाने वाले करीब साढ़े चार किलो केमिकल और उपकरण भी बरामद किए गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद हेरोइन की कीमत करीब 13 करोड़ रुपये बताई जा रही है। गिरोह का सरगना बांग्लादेश होते हुए भारत में अवैध रूप से घुसा था और वर्ष 2019 में भारत में अवैध रूप से रह रहा था। द्वारका जिला डीसीपी शंकर चौधरी के अनुसार एंटी नारकोटिक्स सेल प्रभारी को सूचना मिली थी कि कुछ नाइजीरिया निवासी मादक पदार्थ सप्लाई कर रहे हैं। इसी एक अक्तूबर को सूचना मिली थी कि कुछ विदेशी नागरिक हेरोइन की खेप लेकर आर एक्सटेंशन ब्लॉक, मोहन गार्डन आएंगे।

पुलिस ने घेराबंदी कर नाइजीरिया निवासी हेनरी ओकोली (41) और उचेचुकु पीटर इग्बोनाजू (37) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के कब्जे से एक किलो हेरोइन बरामद हुई। तीन दिन बाद आरोपियों से कॉल करा कर पुलिस ने उकाचुकु को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 300 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह वर्ष 2019 में बांग्लादेश से घुसपैठ कर भारत आए थे।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि हेरोइन अफ्रीका से रूस होते हुए भारत लाई जाती है। भारतीय बंदरगाहों व क्रॉस बॉर्डर्स के माध्यम से तस्करी कर खुदरा विक्रेताओं को आपूर्ति की जाती है। उकाचुकु ने पुलिस को बताया कि नाइजीरिया में रहने वाला स्टेनली चिमेइजएलासोनी हेरोइन की खेप भेजता था। वह हेरोइन का बड़ा सप्लायर है। उसके दिल्ली में कई ग्राहक हैं। वह वर्चुअल नंबरों के माध्यम से विक्रेताओं से बात करता था। अफ्रीका से हेरोइन रूस और वहां से बांग्लादेश व नेपाल के रास्ते लाई जाती थी। जबकि कई भारतीय बंदरगाहों तक भी इसकी सप्लाई की जाती थी।