जालंधर (ब्यूरो):- पंचकूला, चंडीगढ़ और मोहाली (टाइसिटी) में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार पर हरियाणा, पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ ने मंथन शुरू कर दिया है। तीनों शहरों में मेट्रो की तैयारी को लेकर चंडीगढ़ सचिवालय में चल रही बैठक में मैट्रो के कंप्रेहिंसिव मोबिलिटी प्लान को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। बैठक की अध्यक्षता पंजाब के गवर्नर बीएल पुरोहित कर रहे हैं।
इसमें हरियाणा सीएम मनोहर लाल भी पहुंचे हैं। वहीं पंजाब के सीएम भगवंत मान ने इस मीटिंग से दूरी बनाई। उन्होंने अपनी जगह पर्यटन मंत्री अनमोल गगन मान को भेजा है।
गवर्नर के साथ इस मीटिंग में दोनों प्रदेश सरकारों के प्रमुख सचिव (CS) और अन्य सीनियर अफसर भी पहुंचे हैं। वहीं, चंडीगढ़ पुलिस-प्रशासन ने भी सुरक्षा के मद्देनजर सचिवालय में पुख्ता सुरक्षा प्रबंध किए हैं। DSP समेत सिक्योरिटी विंग के इंस्पेक्टरों पर व्यवस्था बनाए रखने का जिम्मा है। किसी व्यक्ति को बेवजह सचिवालय के प्रथम तल पर प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा। यूटी पुलिस विभाग द्वारा सचिवालय और आसपास रोजाना के मुकाबले अधिक पुलिस बल तैनात किया गया है।
लंबे समय से विचार किया जा रहा पंजाब गवर्नर बीएल पुरोहित की अध्यक्षता में हो रही इस मीटिंग में राइट्स कंपनी के अधिकारी प्रेजेंटेशन देंगे। ट्राईसिटी से जुड़े पूरे प्लान की प्रेजेंटेशन दी जाएगी। इसके बाद पंजाब-हरियाणा के CM और अन्य अधिकारी अपनी-अपनी राय और सुझाव देंगे। मीटिंग में पंजाब सरकार से प्रिंसिपल सेक्रेटरी ट्रांसपोर्ट विकास गर्ग और प्रिंसिपल सेक्रेटरी हाउसिंग अजॉय कुमार सिन्हा समेत चीफ एडमिनिस्ट्रेटर गमाडा अमनदीप बंसल पहुंचे हैं। जबकि हरियाणा से HSVP के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर अजीत बालाजी जोशी, कंट्री एंड टाउन प्लानिंग एडिशनल चीफ सेक्रेट्री अरूण कुमार गुप्ता शामिल हुए हैं।
यह है ट्राईसिटी के लिए प्लान कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान चंडीगढ़ के साथ मोहाली और पंचकूला के लिए फायदेमंद रहेगा। मेट्रो प्रोजेक्ट रूपरेखा पर सहमति देना और रोड मार्ग से तीनों शहरों में फ्रीक्वेंसी को बेहतर बनाना है। पूरे प्रोजेक्ट पर पंचकूला, मोहाली व चंडीगढ़ का अनुमानित खर्च करीब 10,570 करोड़ रुपए है। मैट्रो पर सबसे अधिक 7680 करोड़ खर्च होंगे। इसमें से मोहाली में 4080, चंडीगढ़ में 2320 और पंचकूला में 1280 करोड़ रुपए खर्च आएगा। यदि बैठक में सहमति बनी तो इस प्लान को अंतिम मुहर के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा। इसके बाद प्लान पर काम शुरू कर दिया जाएगा।