जालंधर (ब्यूरो): पंजाब के अमृतसर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। SGPC के सदस्य व कर्मचारी सुबह 10 बजे के करीब प्लाजा में एकत्रित हुए और काली पगड़ियां बांध रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद पैदल मार्च डीसी कार्यालय की तरफ रवाना हुए।गौरतलब है कि SGPC ने बंदी सिखों की रिहाई के लिए कमेटी का भी गठन किया हुआ है। जिन्होंने देश के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को खत लिख मिलने के लिए समय भी मांगा, लेकिन अभी तक किसी भी कार्यालय से मिलने का समय नहीं दिया गया। अब एक तरफ जहां भारत 75वां अमृत महोत्सव मनाने की तैयारी में जुट गया है, वहीं SGPC ने आज बंदी सिखों के लिए प्रदर्शन करने के लिए प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
सजाएं पूरी कर चुकी हैं बंदी सिख, SGPC का कहना है कि बंदी सिखों की सजाएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन फिर भी बंदी सिख जेलों में बंद हैं। देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार देता है, लेकिन सिखों के प्रति सरकारों का रवैया नकारात्मक रहा है। इस सिख विरोधी रवैये के कारण ही पिछले 30 साल से कैद सिखों को न्याय नहीं मिल रहा है।
देश की आजादी में सिखों का योगदान, SGPC प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि एक तरफ देश अपनी आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है, वहीं दूसरी तरफ देश को आजाद कराने वाले सिखों को अपने मूल अधिकारों के लिए ‘संघर्ष’ करना पड़ रहा है। सरकारों के इस भेदभावपूर्ण रवैये के कारण ही एसजीपीसी ने आज पूरे पंजाब में विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।