एपीजे कॉलेज ऑफ़ फाइन आर्ट्स जालंधर विद्यार्थियों को केवल क्लासरूम टीचिंग तक ही सीमित नहीं रखता बल्कि उनको विषय विशेष से संबंधित व्यावहारिक ज्ञान देने के लिए भी हमेशा तत्पर रहता है। पीजी डिपार्टमेंट ऑफ मल्टीमीडिया के विद्यार्थियों को ‘ओपनहाइमर’फिल्म दिखाने के लिए इसलिए ले जाया गया ताकि वे वहां फिल्म बनाने की तकनीक को जानने के साथ-साथ उसमें वर्णित कथावस्तु को समझते हुए मानवीय मूल्यों की अहमियत को समझ सके। ‘ओपनहाइमर’ फिल्म के माध्यम से जहां एक तरफ विद्यार्थियों ने थीम की सफलतापूर्वक प्रस्तुति के लिए सिनेमैटोग्राफी के महत्व को बखूबी जाना वहां दूसरी तरफ अभिनय की बारीकियों को उभारने के लिए प्रकाश के सफल प्रयोग को भी समझा;कैसे ध्वनि और प्रकाश का सफल प्रयोग फिल्म की थीम को और भी प्रभावशाली बना सकते हैं तथा मुख्य कथ्य को उभारने में सहायक हो सकते हैं यह भी विद्यार्थियों को बताया गया। प्राचार्य डॉ नीरजा ढींगरा ने इस विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक विद्यार्थियों को क्लासरूम टीचिंग से बाहर नहीं ले जाया जाएगा वह अपने विषय के व्यावहारिक पक्ष को नहीं समझ सकेंगे, उन्होंने कहा कि आज का युग कौशल को निखारने और तराशने का युग है न कि केवल सैद्धांतिक ज्ञान दे देने भर का। मल्टीमीडिया विभाग के विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने के लिए उन्होंने मल्टीमीडिया विभाग के प्राध्यापक श्री वीरेन्द्र सिंह सग्गू एवं श्री अंकित गोयल के प्रयासों की सराहना की।
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