जालंधर (ब्यूरो):- पंजाब में गिरफ्तारी के बाद असम की डिब्रूगढ़ जेल भेजे गए अमृतपाल सिंह समेत 10 आरोपियों से गुरुवार पारिवारिक सदस्यों ने मुलाकात की है। अमृतपाल सिंह ने संदेश भेजा है कि वह चढ़दी कला में है। वहीं अन्य पारिवारिक सदस्यों के मनों से डर भी निकल गया है कि उनके साथ जेल में अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है।
गुरुवार रात मुलाकात करवा कर बाहर आए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के लीगल एडवाइजर भगवंत सिंह सियालका ने कहा कि सभी के दिलों में अपने परिजनों को लेकर भ्रम, गलतफहमी और डर था, वे दूर हो गया है। अब वे खुश हैं और उनसे मिलकर राहत महसूस कर रहे हैं।
8 आरोपियों के परिजन गुरुवार को पंजाब से डिब्रूगढ़ जेल पहुंचे। जिनमें 4 महिलाएं व 4 पुरुष थे। वहीं, दलजीत कलसी का परिवार दोबारा आज मिलने पहुंचा था। इसके अलावा अमृतपाल से उसके चाचा सुखचैन सिंह और भाई हरजीत सिंह ने मुलाकात की।
परमिशन देरी से आने के कारण देर रात हुई मुलाकात पेपर वर्क में देरी के कारण पारिवारिक सदस्य देर शाम जेल में बंद 9 आरोपियों से मिल सके। एडवोकेट सियालका ने बताया कि पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के देहांत के कारण छुट्टी घोषित की गई, जिस कारण यह देरी हुई। यहां से फॉर्म भर अमृतसर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट कार्यालय भेजा गया, लेकिन शाम 4 बजे तक जवाब नहीं आया।
जब डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट कार्यालय में दोबारा से पूछा गया तो परमिशन मिली और देर शाम सभी सदस्य जेल में बंद अपने पारिवारिक सदस्यों से मिले।
आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहे परिवार एडवोकेट सियालका ने कहा कि सभी परिवारों के पास एक ही कमाने वाला हाथ है। वे हाथ सलाखों के पीछे जाने से उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। जल्द ही डिब्रूगढ़ जेल में बंद अन्य सिखों के परिवार के सदस्यों को उनके परिजनों से मिलने के लिए डिब्रूगढ़ लाया जाएगा।
हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी सियालका ने कहा कि वे नियमों के अनुसार मामले को आगे बढ़ाएंगे। अभी भी मिलने की यह परमिशन डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के आदेशों पर दी गई है। उनका प्रयास NSA को रद्द करवाना है। अगर NSA को रद्द नहीं किया गया तो वे हाईकोर्ट का रुख करेंगे।