जालंधर (ब्यूरो):- वारिस पंजाब दे के मुखी अमृतपाल सिंह के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान NSA लगने के बाद डिब्रूगढ़ भेजे गए साथियों के परिवार तकरीबन 1 महीने बाद उनसे मिलेंगे। बीते दिनों शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की तरफ से डिब्रूगढ़ असम भेजे गए वकीलों के वफद ने अमृतसर डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट से इसकी अनुमति भी ले ली है।
एडवोकेट भगवंत सिंह सियालका डिब्रूगढ़ जेल में बंद युवाओं के मामलों को आगे बढ़ाने के लिए SGPC हरजिंदर सिंह धामी द्वारा गठित कानूनी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। एडवोकेट सियालका ने कहा कि 10 अप्रैल को डिब्रूगढ़ जेल में गिरफ्तार युवकों से मुलाकात की गई थी। 12 अप्रैल को उनकी वापसी के बाद डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के सामने परिवारों को मिलने की एप्लिकेशन आगे बढ़ा दी गई। SGPC के प्रयास से अब उनके परिजनों को मिलने की अनुमति दी गई है।
अमृतपाल सिंह के 9 साथी हैं डिब्रूगढ़ जेल में एडवोकेट सियालका ने कहा कि डिब्रूगढ़ में हिरासत में लिए गए युवकों में कुलवंत सिंह धालीवाल, वरिंदर सिंह जौहल, गुरमीत सिंह बुक्कनवाला, हरजीत सिंह जल्लुपुर खैरा, भगवंत सिंह बजेके, दलजीत सिंह कलसी, बसंत सिंह, गुरिंदरपाल सिंह औजला और पपलप्रीत सिंह शामिल हैं।
गुरुवार को ही मिल सकते हैं परिवार नियमों के अनुसार डिब्रूगढ़ जेल में बंद हवालातियों से गुरुवार को ही मिला जा सकता है। जिसके लिए 19 अप्रैल को असम ले जाने की योजना बनाई गई है। इसके लिए एक बस का इंतजाम किया जाएगा। युवकों के परिवारों से 18 अप्रैल तक अमृतसर स्थित मुख्यालय में SGPC के अधिकारियों से संपर्क करने का अनुरोध किया।