जालंधर (ब्यूरो):- पंजाब के अमृतसर में अजनाला पुलिस स्टेशन और बीते दिनों चंड़ीगढ़ में सिख जत्थेबंदियों के साथ हुई झड़प के बाद पंजाब पुलिस ने अपने आप को बदलना शुरू कर दिया है। अमृतसर और चंडीगढ़ दोनों जगहों पर निहंग जत्थेबंदियों ने पंजाब पुलिस पर हमला किया और दोनों घटनाओं में पुलिस को पीछे हटना पड़ा था।
श्री मुक्तसर साहिब पंजाब का पहला जिला बन गया है, जहां पुलिस अब गतका सीख रही है। यहां सिर्फ गतका सीखा नहीं जा रहा, बल्कि उसके हमले को रोकते हुए भीड़ को पीछे कैसे खदेड़ना है, इसकी भी ट्रेनिंग शुरू कर दी गई है।
जल्द अन्य जिलों में भी ट्रेनिंग होगी शुरू पंजाब के DGP गौरव यादव ने भी बीते दिनों इशारा किया था कि पंजाब पुलिस ऐसे हमलों के लिए खुद को बदलेगी। स्पष्ट है कि श्री मुक्तसर साहिब से शुरू हुई यह ट्रेनिंग जल्द ही अन्य जिलों की पुलिस व कमिश्नरेट्स में भी दी जाएगी ताकि आने वाले दिनों में अजनाला पुलिस स्टेशन व चंडीगढ़ बॉर्डर पर हुई घटनाओं को रोका जा सके।
श्री हरगोविंद साहिब के दौर से शुरू हुआ था गतका गतका एक पारंपरिक सिख मार्शल आर्ट फॉर्म है। गतका शब्द के जन्मदाता सिखों के छठे गुरु श्री हर गोविंद साहिब जी को ही माना जाता है, जिन्होंने सिखों को युद्ध कलाएं सिखाने और सैन्य परीक्षण के लिये प्रेरित किया।
तभी से गतका सिख योद्धाओं की पारंपरिक जंग की शैली के रूप में विकसित हुआ, जिस कारण गुरु हर गोविंद जी को मीरी पीरी के बादशाह कहा जाता है। यह शैली सन 1675-1707 के बीच विकसित हुई। जब श्री गुरु हरगोविंद सिंह ने सिख फौज को तैयार किया था।