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जालंधर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट घोटाले में 3 माह बाद जागी कंपनी, विजिलेंस ने फाइल्स मांगी तो काम किया शुरू ,स्किन सेव करने की कोशिश

जालंधर (ब्यूरो): पंजाब के जालंधर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में घोटाले की बू को लेकर विजिलेंस के पास शिकायत पहुंची थी। इसके बाद अब प्रोजेक्ट से जुड़े सभी अधिकारियों कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है। विजिलेंस की टीम ने पिछले दिनों नगर निगम में दस्तक भी दी थी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत चल रहे कुछ कामों का रिकॉर्ड भी मांगा था, लेकिन निगम अधिकारियों ने रिकॉर्ड मुहैया नहीं करवाया, बल्कि दफ्तर में पहुंचाने का समय ले लिया। विजिलेंस की नगर निगम में दस्तक के बाद अब सरफेस वाटर प्रोजेक्ट का काम करने वाली कंपनी L&T कंपनी भी सक्रिय हो गई है। करीब तीन महीने से काम रोक कर आराम फरमा रही कंपनी की निद्रा भी टूट गई है। कंपनी ने विजिलेंस की एंट्री को देखकर दोबारा फिर से काम शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं अपनी स्किन सेव करने के लिए नगर निगम के अधिकारियों को काम में कुछ अड़चनें आने के एक्सक्यूज भी दिए गए हैं। कंपनी के काम में अड़चनों के तर्क कितने सही हैं या नहीं, यह तो बाद की बात है, लेकिन पिछले दिनों जो नगर निगम के कमिश्नर के साथ जालंधर सेंट्रल हलके के विधायक रमन अरोड़ा ने दौरा करके काम देखा था, उस पर उन्होंने कई सवाल उठाए थे। विधायक ने प्रोजेक्ट में लग रहे सरिये और सीमेंट के सैंपल भी कमिश्नर की गाड़ी में रखवाए थे और कहा था कि इसमें घटिया सामग्री का प्रयोग हो रहा है।

2023 डेडलाइन, 100 किलोमीटर लंबी पाइप बिछानी

जालंधर शहर को पानी की अपूर्ति के लिए सतलुज दरिया से करने के लिए सरफेस वाटर प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट की डेडलाइन सितंबर 2023 है, लेकिन अभी तक पाइप बिछाने का काम पूरा नहीं हुआ है। शहर तक पानी पहुंचाने के लिए करीब 100 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जाएगी। सतलुज से पानी को लिफ्ट करन के बाद आदमपुर में ट्रीट किया जाएगा। वहां पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जा रहा है। इसके अलावा शहर में भी पानी को स्टोर करने के लिए टैंक बनाए जाने हैं। काम ज्यादा है, लेकिन समय कम है।