मान्यवर पंजाब में कांग्रेस के नए प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की ताजपोशी 22 अप्रैल को होगी। वह चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में कुर्सी संभालेंगे। खास बात यह है कि यहां वर्करों को इकट्ठा नहीं किया जाएगा। इसकी जगह वड़िंग कांग्रेस के सभी दिग्गज नेताओं को इकट्ठा करेंगे। जिसके जरिए कांग्रेस की पंजाब में एकजुटता दिखाई जाएगी। हालांकि इसमें नवजोत सिद्धू आएंगे या नहीं, इसको लेकर सस्पेंस बरकरार है। प्रधानगी छिनने के बाद उन्होंने राजा वड़िंग से न बात की और न ही मुलाकात। सिद्धू ने पिछले साल 23 जुलाई को पंजाब कांग्रेस प्रधान की कुर्सी संभाली थी।
मुलाकात के बहाने न्यौता दे रहे वड़िंग पंजाब के नए प्रधान बनाए जाने के बाद राजा वड़िंग लगातार कांग्रेस नेताओं से मिल रहे हैं। उन्होंने गुटबाजी से अलग नेताओं के साथ उन कांग्रेसियों से भी मुलाकात की, जो खुलकर सिद्धू का समर्थन कर रहे हैं। इन मुलाकातों में वह कांग्रेसी नेताओं को 22 अप्रैल को होने वाले ताजपोशी समारोह में शामिल होने का न्यौता दे रहे हैं।
कांग्रेस में गुटबाजी खत्म हुई या नहीं, ताजपोशी पर सबकी नजर कांग्रेस इस वक्त कई गुटों में बंटी हुई है। नवजोत सिद्धू का अलग गुट है, जो सिद्धू को प्रधान बनाए रखने के पक्षधर थे। दूसरा ग्रुप वह है तो सिद्धू के हक में नहीं है। राजा वड़िंग को प्रधान बनाए जाने के बाद भी कई दिग्गज उनके साथ फिलहाल खुलकर नजर नहीं आ रहे।
कांग्रेस में माझा की तिकड़ी सुखजिंदर रंधावा तृप्त राजिंदर बाजवा और सुख सरकारिया पिछली बार सिद्धू की तरह इस बार वड़िंग के साथ खुलकर चलते नजर नहीं आ रहे। हालांकि हाईकमान के आदेश के बहाने सब वड़िंग के साथ एकजुट नजर आ सकते हैं। फिलहाल पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी भी खुलकर किसी के साथ नजर नहीं आ रहे। करारी हार के बाद भी कांग्रेस एकजुट हुई या नहीं, इसका पता 22 अप्रैल को चलेगा।