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गृहमंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 , निरस्त होने के बाद ; पहली बार किया कश्मीर का दौरा

मान्यवर:-गृहमंत्री अमित शाह के अनुच्छेद 370 निरस्त होने के बाद पहली बार कश्मीर का दौरा करने पहुंचे। घाटी में आतंकियों के नागरिकों की चयनित हत्याओं के बाद शाह का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।  शनिवार को गृहमंत्री ने सबसे पहले आतंकियों का निशाना बने पुलिस इंस्पेक्टर परवेज अहमद के परिजनों से मुलाकात की। 22 जून को नौगाम इलाके में आतंकवादियों ने अहमद को घर के पास गोली मार दी थी।

इस मुलाकात से गृहमंत्री से सुरक्षाबलों में तैनात जवानों और उनके परिजनों को अहम संदेश दिया है। इससे जताया है कि केंद्र सरकार सुरक्षाबलों और उनके परिवार के साथ हर स्थिति में मजबूती के साथ खड़ी है। इसके बाद उन्होंने घाटी में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए उपराज्यपाल समेत अन्य एजेंसियों के साथ बैठक की। नागरिकों की हत्याओं के बाद इस दौरे को अहम माना जा रहा है। इससे  हत्याओं में शामिल आतंकियों और उनके मददगारों को सीधी चेतावनी भी दी गई है।

इस उच्चस्तरीय बैठक में सुरक्षा समेत अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई है। इसके बाद नागरिकों की हत्याओं में शामिल आतंकियों और उनके मददगारों तथा देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ क्रेंद सरकार बड़ा कदम उठा सकती है। इससे पहले जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे गृह मंत्री का सुबह हवाई अड्डे पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सलाहकार फारूक खान ने स्वागत किया। यह घाटी बारिश और बर्फबारी के बीच पहुंचे गृहमंत्री मौसम ठीक रहने पर रविवार को जम्मू में जनसभा को संबोधित करेंगे।

शाह ने सुरक्षा स्थिति और कश्मीर घाटी में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की। इसमें विशेष रूप से अल्पसंख्यकों और दूसरे प्रदेशों के रहने वाले लोगों की हत्याओं के बाद उनकी सुरक्षा के लिए किए उपायों के बारे में जाना। सूत्रों के मुताबिक राजभवन में बैठक के दौरान गृह मंत्री को केंद्र शासित प्रदेश से आतंकवाद को खत्म करने के लिए उठाए जा रहे कदमों और सुरक्षा बलों के घुसपैठ रोकने के लिए किए गए उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया।

बैठक में उपराज्यपाल और सेना, सीआरपीएफ, पुलिस और अन्य एजेंसियों के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों सहित प्रशासन के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि पांच अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 को खत्म करने तथा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के बाद उनकी यह पहली यात्रा है। शाह की यात्रा से पहले पूरे कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। विशेष रूप से शहर में अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया है।